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Pratidin Ek Kavita

Pratidin Ek Kavita

1,137 episodes — Page 1 of 23

Haan Dost | Agyeya

May 14, 20262 min

Seedhi | Padmaja Sharma

May 13, 20261 min

Lekar Seedha Naara | Shamsher Bahadur Singh

May 12, 20261 min

Pasand Ki Jane Wali Stree | Savita Singh

May 11, 20261 min

Kis Jane Kis Ki Pyas Bujhane Kidhar Gayin | Kaifi Azmi

May 10, 20262 min

Choolha | Tanwir Sheikh 'Ilham'

May 9, 20263 min

Wo Ladke Kaun They | Gautam Kumar

May 8, 20261 min

Roop Naran Ke Tat Par | Rabindranath Tagore | Translation - Hans Kumar Tiwari

May 7, 20261 min

Dharti | Sharad Bilore

May 6, 20261 min

Ahimsa | Kanhaiyalal Sethia

May 5, 20261 min

Unghta Santri | Vishwanath Prasad Tiwari

May 4, 20262 min

Daant Ki Khidki | Nilesh Raghuvanshi

May 3, 20262 min

Kavita Kavi Ke Dimaag Mein | Aishwarya Tiwari

May 2, 20261 min

Bachhe Kaam Par Ja Rahe Hain | Rajesh Joshi

May 1, 20262 min

Baatein | Navin Sagar

Apr 30, 20261 min

Jung | Balraj Komal

Apr 29, 20261 min

Safar Ke Saathi | Natasha

Apr 28, 20261 min

Chutti Ka Din | Shariq Kaifi

Apr 27, 20261 min

Baarish | Girdhar Rathi

Apr 26, 20261 min

Badan Ka Faisla | Mohammad Alvi

Apr 25, 20261 min

Mere Naseeb ka Likha | Shayar Jamali

Apr 24, 20262 min

Hum Rote Thodi Hain Pagal | Pradip Awasthi

Apr 23, 20261 min

Ye Kya Hai Mohabbat Mein | Shahryar

Apr 22, 20261 min

Kitabein | Laxmikant Mukul

Apr 21, 20261 min

Jab Akhbaar Se Zyada Hon | Neelam Bhatt

Apr 20, 20261 min

Filwaqt Jahan Hun | Parul Pukhraj

Apr 19, 20261 min

Suraj Doob Raha Hai | Kumar Divyanshu Shekhar

Apr 18, 20262 min

Intezaar | Padma Sachdev

Apr 17, 20262 min

Nirvaitikta - Ek Punarvichar | Satyam Tiwari

Apr 16, 20261 min

Main Gadhna Chahti Hoon | Priya Johri 'Muktipriya'

Apr 15, 20263 min

Sapna Aur Deewaar | Langston Hughes | Translation - Dharamvir Bharti

Apr 14, 20262 min

Ma Atithi Hai | Kumar Ambuj

Apr 13, 20262 min

Samarpan | Hemant Deolekar

Apr 12, 20261 min

Yugm | Vivek Nirala

Apr 11, 20261 min

Main To Arrey Kar Ke Reh Gaya | Naveen Sagar

Apr 10, 20262 min

Vimla Ki Yatra | Savita Singh

Apr 9, 20262 min

Jab Milegi Roshni Mujhse Milegi | Ram Avtaar Tyagi

Apr 8, 20263 min

Gair Vidrohi Kavita Ki Talaash | Lal Singh Dil

Apr 7, 20261 min

Manush Raag | Jitendra Srivastava

Apr 6, 20262 min

Badi Hoti Ladki | Deepti Khushwah

Apr 5, 20261 min

Ep 1100Aadmi Aadmi Se Milta hai | Jigar Muradabadi

आदमी आदमी से मिलता है। जिगर मुरादाबादीआदमी आदमी से मिलता हैदिल मगर कम किसी से मिलता हैभूल जाता हूँ मैं सितम उस केवो कुछ इस सादगी से मिलता हैआज क्या बात है कि फूलों कारंग तेरी हँसी से मिलता हैसिलसिला फ़ित्ना-ए-क़यामत कातेरी ख़ुश-क़ामती से मिलता हैमिल के भी जो कभी नहीं मिलताटूट कर दिल उसी से मिलता हैकारोबार-ए-जहाँ सँवरते हैंहोश जब बे-ख़ुदी से मिलता हैरूह को भी मज़ा मोहब्बत कादिल की हम-साएगी से मिलता है

Apr 4, 20261 min

Ep 1099Unke Bathroom Mein | Gyanendrapati

उनके बाथरूम में । ज्ञानेन्द्रपति उनके बाथरूम मेंवाशबेसिन के ऊपर लगेआईने की छाँव मेंरखे हैं दो टूथब्रशएक लम्बूतरे प्याले मेंबस माथ-भर दिखतेमुँह से मिलाए मुँहदो टूथब्रशजिस घनिष्ठता कावे एक छायाचित्र हैंवह पिचकी हुई ट्यूब में चिपकी हुई टूथपेस्ट-सीबसज़रा-सी बची हैउनके मुँह भूल गए हैं चूमना एक-दूसरे कोउन दोनों के मुँहदोमुँहेँ हो गए हैंधीरे-धीरेबेडरूम में और, ड्राइंगरूम में औरवहाँ, बाथरूम मेंवाशबेसिन के ऊपर, आईने के छाँव-तलेएक लम्बूतरे प्याले में रखे उनके टूथब्रशमाथ-भर दिखतेएक-दूसरे के गले लगे खड़े हैंअफसोस से भरेआईना उनके अफसोस को दुगना कर रहा है ।

Apr 3, 20262 min

Ep 1098Yudh Aur Titliyaan | Deepak Jaiswal

युद्ध और तितलियाँ । दीपक जायसवालतितलियों के दिलउनके पंखों में रहते हैंउनके पास दो दिल होते हैंलड़कियाँ उनके पंखों केप्यार में होती हैंवे उनमें भरती हैं अपना हृदयवे दुनिया कोतितलियों के पंखों के मानिंदख़ूबसूरत देखना चाहती हैं।फूलों की पंखुड़ियाँलड़कियों की आँखेंशांत नदीऔर सर्द मौसममरने नहीं देतेतितलियों को।लेकिन जब कहीं युद्ध छिड़ता हैजब किसी के हृदय को छला जाता हैजब फूल की पंखुड़ियाँसूख करगिरने लगती हैंउस क्षण तितलियाँ बूढ़ी होने लगती हैंउनके रंग पिघलने लगते हैंफिर वे लौटा देती हैं अपने पंखअपनी धरती कोयुद्ध रंगों को निगल जाते हैं।

Apr 2, 20261 min

Ep 1097Pyar Karta Hun | Kailash Vajpeyi

प्यार करता हूँ | कैलाश वाजपेयीमाथे की आँच सेडोरा सुलगता हैमोम नहीं गलतादेह बंद नदियाउफनाती हैनीली फिर काली फिर श्वेत हो जाती हैदार्शनिक उँगलियों सेचितकबरे फूल नहींझरती है राखअसहाय होता हूँजब-जब रिक्त होता हूँप्यार करता हूँवहीं एक सीढ़ी है नीचे उतरकरदुनिया कहलाने की।सागर के नीचे दरार हैकिरन कतराती हैपत्थर सरकाकरराह निकल जाती हैहवा की चोट सेबाँस झुलस जाता हैहरा-भरा अंधकार होता हूँप्यार करता हूँवही एक शर्त हैज़िंदा रह जाने की।

Apr 1, 20262 min

Ep 1096Poochte Ho To Suno | Meena Kumari

पूछते हो तो सुनो कैसे बसर होती है | मीना कुमारीपूछते हो तो सुनो, कैसे बसर होती हैरात ख़ैरात की, सदक़े की सहर होती है साँस भरने को तो जीना नहीं कहते या रबदिल ही दुखता है, न अब आस्तीं तर होती है जैसे जागी हुई आँखों में, चुभें काँच के ख़्वाबरात इस तरह, दीवानों की बसर होती है ग़म ही दुश्मन है मेरा, ग़म ही को दिल ढूँढता हैएक लम्हे की जुदाई भी अगर होती है एक मर्कज़ की तलाश, एक भटकती ख़ुशबूकभी मंज़िल, कभी तम्हीदे-सफ़र होती हैदिल से अनमोल नगीने को छुपायें तो कहाँबारिशे-संग यहाँ आठ पहर होती हैकाम आते हैं न आ सकते हैं बे-जाँ अल्फ़ाज़तर्जमा दर्द की ख़ामोश नज़र होती है.

Mar 31, 20262 min

Ep 1095Maut Bhi Jaise Khafa Ho Humse | Talat Siddiqui Natori

मौत भी हम से ख़फ़ा हो जैसे। तलअत सिद्दीक़ी नह्टोरीमौत भी हम से ख़फ़ा हो जैसेज़िंदगी एक सज़ा हो जैसेदिल के वीराने में वो यूँ आएफूल सहरा में खिला हो जैसेअपनी बर्बादी पे शर्मिंदा हूँये भी मेरी ही ख़ता हो जैसेअहमियत ये है तुम्हारे ख़त कीमेरी क़िस्मत का लिखा हो जैसेदिल मिरा यूँ हुआ पारा-पाराआइना टूट गया हो जैसेतुम मुझे हाथ उठा कर कोसोकोई मसरूफ़-ए-दुआ* हो जैसेमसरूफ़-ए-दुआ: प्रार्थना में व्यस्तउन के चेहरे पे वो अश्कों की नमीफूल शबनम से धुला हो जैसेबे-वजह मुझ से बिगड़ बैठे हैंमैं ने कुछ उन को कहा हो जैसेन तवज्जो न पयाम और सलाममुझ से वो रूठ गया हो जैसेमौज-ए-बेबाक* की मानिंद* हैं वोकोई तूफ़ाँ में पला हो जैसेमौज-ए-बेबाक: स्वतंत्र लहरमानिंद: की तरहवो ख़फ़ा हो के बहुत शरमाएआइना देख लिया हो जैसेऐसे अंजान बने वो 'तलअ'त'मेरा शिकवा न सुना हो जैसे

Mar 30, 20262 min

Ep 1094Baans | Kanhaiyalal Sethia

बाँस | कन्हैयालाल सेठियास्वयं उगतेनहीं उगाए जातेबाँस,नहीं होतेउनके सुमनकोई फलनहीं उनमेंचंदन की सुवास,पर बिना बाँसनहीं बनती बाँसुरी,ध्वनित होती हैजिसके छिद्रों सेराग रागिनियाँबिना उसकेनहीं बनती कलमजिससे व्यक्त होती हैंजीवन की अनुभूतियाँजो हैं अनमोलवह बिकते हैं कौड़ियाँ के मोल

Mar 29, 20261 min

Ep 1093Vishwas | Abha Bodhisattva

विश्वास । आभा बोधिसत्वमैंने अपने सिर परजो विश्वास की दीवार खड़ी कीवहाँ यही लिखा बार-बारदुख बहुत छोटा हैख़ुशी बहुत बड़ीछोटे और बड़े के फ़र्क़को जीना ही सागरबन जाना है एक दिनबूँद-बूँदजुड़ कर विश्व

Mar 28, 20261 min

Ep 1092Vishwas Badhta Hi Gaya | Shivmangal Singh Suman

विश्वास बढ़ता ही गया । शिवमंगल सिंह सुमन पथ की सरलता देखकरदो-चार डग जब बढ़ गयातब दृष्टि-पथ के सामनेआकर हिमालय अड़ गया।पथ के अथक अभ्यास परविश्वास बढ़ता ही गया।

Mar 27, 20261 min

Ep 1091Pankh Diye Aakash Na Doge | Kanhaiyalal Sethia

पंख दिए आकाश न दोगे | कन्हैयालाल सेठियापंख दिए, आकाश न दोगे?तो जड़ता चेतनता क्या है?फिर क्षमता-दर्बलता क्या है?केवल खेल, अगर रचना को-प्राण दिए, विश्वास न दोगे!व्यर्थ मृत्यु-जीवन की रेखा,निष्फल है कटु-मधु का लेखा,केवल कपट, अगर कोयल को-कंठ दिए, मधुमास न दोगे!हृदय-हीन की भाषा कैसी?मिलन-हीन अभिलाषा कैसी?कैवल व्यंग्य, अगर लोचन को-स्वप्न दिए, आभास न दोगे?पंख दिए, आकाश न दोगे?

Mar 26, 20261 min