
Show Notes
जय गौर हरि
श्री राधा रानी मत जइयो तुम दूर
मेरी महारानी मत जइयो तुम दूर
तुम हो परम उदार लाडली कर दो क्ष्यमा कसूर
श्री राधा रानी मत जइयो तुम दूर
मेरी महारानी मत जइयो तुम दूर
एक दर्श की आस स्वामिनी बरसाने में आई
तेरी किरपा कोर से दिल में स्वामिनी बजने लगी शहनाई
उसी किरपा की एक नज़र से करती रहो महसूस
श्री राधा रानी मत जइयो तुम दूर
मेरी महारानी मत जइयो तुम दूर
तुम तो मेरी भोरी स्वामिनी में विषयन की मारी
पतित उधारत हे द
श्री राधा रानी मत जइयो तुम दूर
मेरी महारानी मत जइयो तुम दूर
तुम हो परम उदार लाडली कर दो क्ष्यमा कसूर
श्री राधा रानी मत जइयो तुम दूर
मेरी महारानी मत जइयो तुम दूर
एक दर्श की आस स्वामिनी बरसाने में आई
तेरी किरपा कोर से दिल में स्वामिनी बजने लगी शहनाई
उसी किरपा की एक नज़र से करती रहो महसूस
श्री राधा रानी मत जइयो तुम दूर
मेरी महारानी मत जइयो तुम दूर
तुम तो मेरी भोरी स्वामिनी में विषयन की मारी
पतित उधारत हे द