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Ramayan Aaj ke Liye with Kavita Paudwal

Ramayan Aaj ke Liye with Kavita Paudwal

121 episodes — Page 2 of 3

S1 Ep 71ऋषि भारद्वाज ने ऐसा क्या कहा जिससे भरत को बुरा लगा?

भरत, रघुकुल के सदस्य, अयोध्या वासी, सेना और पशु - सभी गंगा पर हुए और प्रयाग नाम के वन पहुँचे। प्रयाग में देवों के ऋषि, भरद्वाज का आश्रम था। आश्रम में प्रवेश करने से पहले भरत ने सादे कपड़े पहने। फिर अपनी सेना के कुछ ही लोगों के साथ ऋषि वशिष्ठ के पीछे पीछे चल पड़े। उन्हें देखकर ऋषि भरद्वाज बहुत खुश हुए। उन्होंने ने वशिष्ठ को गले से लगाया। वह राजा दशरथ के निधन के बारे में जानतें थे इसलिए उन्होंने दशरथ के बारे में कुछ नहीं पुछा। फिर भरत ने राम के बारे में जानना चाहा। पर राम के बारे में कुछ भी बताने से पहले, ऋषि भरद्वाज भरत से कुछ पूछना चाहते थे। उन्होंने भरत से क्या पुछा? और भरत को उनकी बात का बुरा क्यों लगा? आए जानतें हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Jan 3, 20239 min

S1 Ep 70भरत की हिम्मत क्यों टूटी?

निषादराज गुहा अब ये जान गए थे कि भरत अपने परिवार और अयोध्या वासियों के साथ राम, सीता और लक्ष्मण को वन से वापस अपने राज्य लेजाने आए थे। इसलिए उन्होंने भरत को शीरंगवेरपुर में आमंत्रित किया, उनकी देखभाल करी और उनकी मद्दत करने का निर्णय लिया। भरत के प्रवास के दौरान गुहा ने उन्हें लक्ष्मण की कही क्या बातें बताईं? और राम के बारे में गुहा की कही किस बात को सुनकर भरत की हिम्मत टूट गयी? आए सुनतें हैं रामायण आज के लिए के इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Jan 2, 20237 min

S1 Ep 69भरत और निषादराज गुहा की भेंट

लाखों की संख्या में अयोध्या वासी भरत के साथ राम, लक्ष्मा और सीता को वापस लाने के लिए निकले। बहुत समय बाद वह श्रृंगवेरपुर पहुँचे, जहाँ निषादराज गुहा राज करते थे। उस रात, वहाँ रुकने का निर्णय लिया गया। गुहा और उनके साथी वन में छुपकर सभी देख रहे थे। गुहा ये समझना चाहते थे की भरत का राम के प्रति क्या इरादा है। इसलिए वह अपनी सेना को तैनात करके भरत और शत्रुघ्न से मिलने निकले। जब गुहा ने भरत से पुछा कि राम के प्रति उनके मन में कोई शत्रुता तो नहीं तब भरत ने क्या उत्तर दिया? और निषादराज गुहा ने भरत की मद्दत करना क्यों उचित समझा आइए जानतें हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 30, 20228 min

S1 Ep 68ऋषि वशिष्ठ भरत को राजा क्यूँ बनाना चाहते थे?

पिछले episode में हमने सुना की कैसे भरत ने अयोध्या की राज गद्दी नहीं स्वीकारी। उसके बदले में उन्होंने राम, लक्ष्मण और सीता तक पहुँचने के लिए विभिन्न तकनीकों और वास्तुकला की सहायता से वन में सबके जाने का प्रबंध किया। भरत की इन गतिविधियों से यह सिद्ध था कि वह युवा, शक्तिशाली और होनहार थे। वह निष्पक्ष थे और केवल अपना धर्म ही नहीं समझते थे पर प्रजा की भावनाओं को भी ध्यान में रखते थे। वह हर प्रकार से एक योग्य leader या नेता थे। और इसलिए अब ऋषि वशिष्ठ भरत को राजा बनाना चाहते थे। जब उन्होंने अपनी इच्छा व्यक्त की तब भरत ने क्या उत्तर दिया आइए जानतें हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 29, 20228 min

S1 Ep 67भारत ने राम तक पहुँचने की तैयारियाँ किस प्रकार से करी?

रामायण आज के लिए का एक हिस्सा है राम की कहानी सुनना और समझना। दूसरा हिस्सा है 5000 वर्ष पूर्व लिखे गए इस ऐतिहासिक ग्रंथ में बताई गयी जीवन शैली को जानना। इस episode में हम सुनेंगे कि किस प्रकार की तकनीकों और architecture यानी वास्तुकला की सहायता से भरत ने रघुकुल के सदस्यों, अपनी सेना और अयोध्या वासियों के लिए राम, लक्ष्मण और सीता तक पहुँचने का प्रबंध किया। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 28, 20227 min

S1 Ep 66अपनी माँ कैकेई की गलतियों को सुधारने के लिए भरत ने क्या कदम उठाए?

कैकेई ने अपने बेटे के लिए राज्य चाहा और उसके लिए रघुकुल ने बहुत बड़ी क़ीमत चुकाई। जब भरत को इस अनहोनी के बारे में पता चला तब उन्होंने अपनी माँ को डाँटा फटकारा, अपने मंत्रियों से मिलकर ये स्पष्ट किया कि वह अपनी माँ के रचाये षड़यंत्र से अज्ञात थे। फिर उन्होंने माँ कौशल्या से क्षमा माँगी। दशरथ का अंतिम संस्कार करने के बाद पीढ़ित भरत अपने राज गुरु वशिष्ठ और मंत्रियों से दुबारा मिले ताकि वह कैकेई की गलतियों को सुधार सकें। कैसे? आइए जानतें हैं रामायण आज के लिए के इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 27, 20229 min

S1 Ep 65भारत को दशरथ के निधन के बारे में किसने बताया?

अयोध्या लौटने पर भारत सबसे पहले अपने पिता के महल गए। उन्हें वहाँ न देखकर वह अपनी माँ, कैकेई के महल गए। अपनी माँ का भवन सुनसान देख भरत का मन और भी विचलित हुआ। उन्होंने घबराते हुए अपनी माँ से सबका हाल चाल पुछा। कैकेई ने भारत को जवाब में क्या कहा? उन्होंने राम, लक्ष्मण और सीता के वनवास जाने की सूचना भरत को कैसे बताई? और किस प्रकार कैकेई ने भरत को दशरथ की मिर्त्यु और उनके उत्तराधिकार के बारे में बताया कि अब भरत ही अयोध्या के राजा बनेंगे? आइए सुनतें है रामायण आज के लिए के इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 26, 20228 min

S1 Ep 64भरत अयोध्या वापस लौटे

अयोध्या के लिए रवाना होने से पहले, केकय के राजा अश्वपति ने अपने नाती, भरत को उपहार के रूप में सोना की मोहर, हाथी, घोड़े, श्वांग, चांदी के बर्तन और भी बहुत कुछ दिया। भरत ने ये सारे उपहार स्वीकारे पर दशरथ के बारे में देखा सपना उन्हें अभी भी परेशान कर रहा था। वह अपने परिवार - दशरथ, कौशल्या, सुमित्रा, राम, लक्ष्मण, सीता - के लिए चिंतित थे। और यही सब सोचते सोचते वह अपनी सेना के साथ अयोध्या के लिए निकल पढ़े। पर जब भारत अपनी मातृभूमि पहुंचे तो उन्होंने क्या देखा? आइए जानतें हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 23, 20227 min

S1 Ep 63भरत का बुरा सपना दुर्भाग्य का प्रतीक

अयोध्या में राजा दशरथ के अंतिम संस्कार की तैयारियाँ शुरू हो गयीं थीं। भारत और शत्रुगण को केकय से अयोध्या वापस बुलाने के लिए दूतों को भेजा गया। जिस रात वह दूत केकय की राजधानी गिरिव्रज पहुंचे, उस ही रात भरत को एक बड़ा ही अप्रिय सपना दिखाई दिया। वह सपना क्या था? भरत को कुश करने की लाख कोशिशों के बाद भी वह सपना क्यों नहीं भुला पा रहे थे? और उनके अनुसार यह स्वप्न किस प्रकार की अनहोनी का संकेत था? आइए जानतें हैं रामायण आज के लिए के इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 22, 20228 min

S1 Ep 62दशरथ के अंतिम संस्कार की तैयारियाँ

रघुवंश के राजा दशरथ अपने पुत्र राम का वियोग सेहेन न करने की वजह से अपने प्राण त्याग देतें हैं। शोख की आवाज़ें सुनकर उनकी रानियों को होश आता है। कौशल्या अपने पति का सर अपनी गोद में रखकर रोने लगती हैं और रानी कैकेई को खुलकर कोसतीं हैं। वहीं राज्य के गुरुजन और मंत्री भरत और शत्रुगण के आने तक दशरथ के पार्थिव शरीर को तेल से भरे गरत में रखने का प्रयोजन करते हैं और उन भाइयों को उनके पिता का अंतिम संस्कार करने के लिए अपने ननिहाल, केकय, से वापस बुलाने का संदेसा भेजतें हैं। इस सबके बीच ऋषि वशिष्ठ अच्छे नेतृत्व की कमी पर क्या सीख देतें हैं आइए जानतें हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 21, 20227 min

S1 Ep 61दशरथ की मृत्यु कैसे हुई?

बहुत समय से दशरथ राम से बिछड़ने के दुःख में बेचैन थे। उन्हें बार-बार उन बूढ़े और अंधे दाम्पत्य का शाप याद आ रहा था जिनके बेटे को दशरथ ने अनजाने में मारा था। उन्हें ये आभास होने लगा कि अब उनकी मृत्यु दूर नहीं। पूरी रात वह कौशल्या का हाथ पकड़ कर राम को याद करते रहे। अगली सुबह जब रीती-रिवाज अनुसार राजा दशरथ को उठाया गया तब क्या हुआ? सुमित्रा और कौशल्या दशरथ के निधन के समय किस हाल में थे? और राजा के मरने का समाचार पूरी अयोध्या में कैसे फैला आइए सुनते हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 20, 20227 min

S1 Ep 60श्रवण कुमार को मारने का परिणाम

जिस लड़के की हत्या दशरथ के हाथों अनजाने में हुई, उसे वाल्मीकि रामायण में श्रवण के नाम से नहीं जाना जाता पर कहानी लगभग वही है। रामायण आज के लिए के इस episode में आइए जानतें हैं कि जब दशरथ पानी ले कर उस लड़के के माता-पिता तक पहुंचे तब उन्होंने अपने बेटे की मृत्यु का दुःख कैसे मनाया? उन्होंने दशरथ को क्या शाप दिया? और शापित होने के बाद भी दशरथ ने माता-पिता और बेटे को कैसे मिलाया? Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 19, 20228 min

S1 Ep 59दशरथ के कौन से कर्म की वजह से उन्होंने पुत्र से दूर होने का श्राप मिला

इस एपिसोड में सुनिए कि कैसे कौशल्या को राम के वन जाने पर क्रोध आया और उन्होंने गुस्से में आकर राजा दशरथ को क्या-क्या भला-बुरा सुनाया। साथ ही जाने राजा दशरथ के कौन से कर्म की वजह से उन्होंने पुत्र से दूर होने का श्राप मिला? Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 15, 202211 min

S1 Ep 58श्री राम ने सुमंत्र के हाथ क्या सन्देश भेजा?

श्री राम के इंतज़ार में बैठी अयोध्या तब और मायूस हो गयी जब उन्होंने सुमंत्र को अकेले बापस लौटते हुए देखा। राम से मिल कर क्या सन्देश लाये सुमंत्र और राम की परिस्थिति को उन्होंने कैसे बखान किया अयोध्या में, जानिये इस एपिसोड में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 14, 20229 min

S1 Ep 57ऋषि भारद्वाज से राम की भेंट हुई

गंगा यमुना के संगम तट पर कई कटी हुए पेड़ की शाखाएं देखीं जो आम तौर पर यज्ञ के लिए इस्तेमाल होता थाl यह देख कर लक्ष्मण ने अनुमान लगाया कि वह लोग ऋषि भारद्वाज के आश्रम के पास थे। ऋषि भारद्वाज से मिलने पर, राम ने एक-एक करके अपना, लक्ष्मण और सीता का परिचय दिया। फिर उन्होंने ऐसी जगह के बारे में पहुचा, जहां वह 14 वर्षों के लिए रह कर सकें। ऋषि भारद्वाज ने राम को चित्रकूट जाने की सलाह क्यूँ दी और उन्हें वहाँ जाने का रास्ता कैसे समझाया? आइए सुनते हैं रामायण आज के लिए के इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 13, 20229 min

S1 Ep 56राम की आंखों में आसूं क्यों थे?

सुमंत्र अयोध्या वापस चले गए थे। यहां राम, निषादराज गुहा के क्षेत्र में नहीं रहना चाहते थे क्योंकि उनका मानना था कि यह वनवास के नियमों के विपरीत होगा। राम, लक्ष्मण और सीता गंगा के तट पर थे। उन्होंने नाव से रास्ता पार करने का सोचा। नदी के बीच सीता ने गंगा से प्रार्थना करने की इच्छा जताई। उन्होंने गंगा से क्या मांगा? दक्षिण तट पर उतरकर जब वह वन में गए, और विश्राम करने के लिए एक वृक्ष के नीचे बैठे, तब लक्ष्मण के साथ बात चीत के दौरान राम भावुक क्यूं हो गए? आइए जानते हैं रामायण आज के लिए के इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 12, 20229 min

S1 Ep 55वनवास का दूसरा दिन, आखिर श्री राम ने सुमंत्र को क्या समझाया ?

निषादराज अच्छी नाव का प्रबंध कर रहे थे मगर राम, सीता और लक्ष्मण अपनी आगे की यात्रा पैदल चल कर जाना चाहते थे। सुमंत्र ने राम को आग्रह किया की वह भी उनके साथ वन में रहना चाहते हैं। परंतु राम ने इंकार कर दिया। वह चाहते थे की सुमंत्र दशरथ के पास वापिस लौट जाएं। राम को ऐसा क्यों लगा की सुमंत्र का अयोध्या जाना ही उचित होगा? इसके अलावा राम ने सुमंत्र द्वारा भरत के लिए क्या संदेशा भेजा? यह जानने के लिए आईए सुनते हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 9, 20226 min

S1 Ep 54वनवास की पहली रात, लक्ष्मण क्यों नही सोए?

कौशल प्रांत बहुत समृद्ध था। वहां किसी भी प्रकार की कमी नहीं थी। उस रात राम, लक्ष्मण और सीता श्रृंगवेरपुर नाम की जगह पर रुक गए, जो आज के दिन में उत्तर प्रदेश के शहर संगरूर नाम से जाना जाता है। यह इलाका निषादराज गुहा का था और वह राम के मित्र थे। निषादराज ने सबको विश्राम करने के लिए आमंत्रित किया परन्तु क्यों लक्ष्मण ने विश्राम करने से इंकार कर दिया? वह पूरी रात पहरा देने के लिए बाहर क्यों खड़े रहे? आइए जानते है रामायण आज के लिए के इस Episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 8, 20228 min

S1 Ep 53क्या हुआ जब अयोध्या वासी राम, सीता और लक्ष्मण के साथ तमसा नदी तक पहुँचे?

एक तरफ़ दशरथ के महल में मायूसी छाई हुई थी, तो दूसरी तरफ़ अयोध्या वासी सुमंत्र के रथ - जिसपर राम, लक्ष्मण और सीता सवार थे - उसका पीछा ही नहीं छोड़ रहे थे। राम ने उन्हें बहुत समझाया, आश्वासन दिलाया कि भरत उनका ध्यान रखेंगे पर उनकी प्रजा ने एक न मानी। देखते देखते सब तमसा नदी के तट पर पहुँचे। तमसा वही नहीं है जहाँ ऋषि वाल्मीकि का आश्रम था जिसमें बैठकर उन्होंने राम का छंद लिखा था। रामायण आज के लिए के इस episode में आइए जानतें हैं, राम ने अयोध्या वासियों को क्यों और कैसे अपनी चतुराई से पीछे छोड़ा और वन की ओर निकल पढ़े। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 7, 20228 min

S1 Ep 52दशरथ और कौशल्या को सुमित्रा ने कैसे संभाला?

राम के अयोध्या छोड़ने पर दशरथ बौखला से गए थे। वह अपने आप से बातें करने लगे। राजा दशरथ अपनी आँखों से रौशनी जाने की शिकायत करने लगे। और अपना दम घुटने की शिकायत करते करते, वह कैकेई का भवन छोड़कर, कौशल्या के भवन चले गए। कौशल्या भी अपने बेटे की याद में टूट गयीं थीं। वह कैकेई को खुलकर कोस रहीं थीं और राम-सीता की पीढ़ा के लिए अपने पिछले जन्म के कर्मों को ज़िम्मेदार मान रहीं थीं। ऐसे में सिर्फ लक्ष्मण की माँ, सुमित्रा ही सुलझी हुईं, समझदार लग रहीं थीं। इस episode में, आइए सुनतें हैं, कैसे रानी सुमित्रा ने अपने पति, दशरथ और सपत्नी, कौशल्या को संभाला? Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 6, 20227 min

S1 Ep 51राम, सीता और लक्ष्मण ने अयोध्या छोड़ दी

सुमंत्र अब राम, लक्ष्मण और सीता के साथ कुल्हाड़ी, टोकरी और सीता का श्रीधन लेकर रथ पर सवार हो गए। सारे अयोध्या वासी अपनी उलझन और उदासी में रथ के पीछे भागने लगे। दशरथ भी अपने आपको रोक न पाए। यह देख राम ने सुमंत्र से प्रार्थना की, कि वह रथ भगाकर अयोध्या से बहार ले जाएँ। उन्होंने ऐसा क्यों किया? पीछे मुड़कर भी नहीं देखा? उनके जाने से पशु-पक्षी और प्रकृति पर क्या असर पढ़ा? आइए जानतें है रामायण आज के लिए के इस epsiode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 5, 20228 min

S1 Ep 50राम, सीता और लक्ष्मण के वनवास जाने का दिन आ ही गया

जो राम अयोध्या के सिंघासन पर भैठने वाले थे, वह छाल के कपड़े पहनकर अपनी पत्नी के साथ वनवास जा रहे थे। अयोध्या वासियों, दशरथ, कौशल्या सभी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा की ऐसा दिन आएगा। राम के जाने के लिए सोने का रथ और सुंदर घोड़े मँगवाए गए। सीता के साथ 14 वर्षों तक पूरा पढ़े, इतने गहनें कपड़े भेजे गए। यह दृश्य किसी movie के scene की तरह था, किसी बारात की तरह लग रहा था, लेकिन किसी के चेहरे पर खुशी ना थी। ऐसे में कौशल्या ने अपने बेटे और बहु को क्या सलाह दी? राम ने उनसे, अपने पिता दशरथ को लेकर, क्या अनुरोध किया? लक्ष्मण और सुमित्रा के बीच ऐसी क्या बातचीत हुई जिसका मान रखने के लिए लक्ष्मण आज भी जाने जातें हैं? आइए सुनते हैं, इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 2, 20227 min

S1 Ep 49सीता छाल के कपड़े नहीं पहनेगी!

जब दशरथ ने राम की सुरक्षा और सुविधा के लिए सेना और धन भेजने की बात करी तब कैकेई और भी नाराज़ हो गयी। वह राम की दुष्ट राजकुमार असमंजस से तुलना करने लगी। तब राम ने एक बहुत समझदारी की बात करी। उन्होंने कुल्हाड़ी, टोकरी और छाल के वस्त्र मँगवाए - वह चीज़ें जो केवल वन में काम आतीं हैं। लेकिन सीता ने जब राम की मद्दत से वह वस्त्र पहने तब उन्हें तकलीफ़ भी हुई और शर्म भी आई। इस अपमान के विरोध में सारी सभा और ऋषि विश्वामित्र ने कैकेई को कैसे धिक्कारा? और फिर भी राम वनवास जाने के लिए दृढ़ क्यों थे? चलिए पता लगतें हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Dec 1, 20227 min

S1 Ep 48सुमंत्र ने कैकेयी को कैसे डांटा?

राम, लक्ष्मण और सीता को विदा करने के लिए, अयोध्या नरेश दशरथ और उनकी 350 पत्नियाँ सभा में उपस्थित हुए। दशरथ के मित्र और सार्थी सुमंत्र भी वह मौजूद थे, जो अब अपने अंदर के उबाल को और रोक नहीं पाए। उन्होंने वह सारी बातें रानी कैकेई से कहीं जो दशरथ नहीं कहे पाए। वह बातें क्या थीं? कैकेई ने जवाब में क्या कहा? दशरथ ने सुमंत्र को ऐसा क्या आदेश दिया जिसकी वजह से कैकेई फिर नाराज़ हो गयी? आए सुनतें हैं रामायण आज के लिए के इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 30, 20227 min

S1 Ep 47राम, सीता और लक्ष्मण के वनवास जाने का समय आ गया।

दशरथ की अयोध्या का ऐश्वर्य अतुल्य था। ऐसा ऐश्वर्य जिनके पास हो, वह केवल अपने पिता की एक आज्ञा पर, सब छोड़कर, वन में रहे, यह आसान नहीं था। पर इतना ही नहीं, ऐसी परिस्थिति में व्यवहारात्मक यानि practical होकर, आने वाले समय की अचूक यानि foolproof तैयारियाँ करना, यही राम के गुण थे। सारा दान धर्म करने के बाद जब राम, लक्ष्मण और सीता अपने पिता से मिलने निकले तो प्रजा ने क्या कहा? दशरथ, एक राजा और एक पिता होने के नाते किस हाल में थे? वह राम को कैसे विदा करना चाहते थे? आइए इस दुखद घटना का अनुभव करें इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 29, 202210 min

S1 Ep 46लक्ष्मण ने राम को अपने साथ वन ले जाने के लिए कैसे मनाया?

वैसे तो राम की हर बात उनकी पत्नी सीता मानती थीं। लेकिन अपने पति से अलग होकर रहना उन्हें गवारा ही नहीं था। आख़िर राम सीता को अपने साथ वन लेजाने के लिए तैयार हो ही गए। अब लक्ष्मण भी राम और सीता के साथ जाना चाहते थे। पर क्यों? और राम की क्या आशंकाएँ थीं जिसकी वजह से वह लक्ष्मण का अयोध्या में सह-परिवार ठहरना ज़रूरी समझते थे? फिर भी, लक्ष्मण ने राम को अपने साथ वन लेजाने के लिए कैसे मनाया? और वनवास जाने से पहले उन्होंने अपनी माँ कौशल्या और अपने घरों की सुरक्षा का प्रबंध कैसे किया?? आए जानतें हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 28, 20227 min

S1 Ep 45सीता ने राम को अपने साथ वन ले जाने के लिए कैसे मनाया?

पिछले episode में हमने सुना कि कैसे वनवास की बात को लेकर सीता तुरंत राम की भावनाओं को समझ गयीं। राम ने भी सीता को देख अपना मन हल्का किया। सच जानने पर सीता ने राम के साथ वन जाने की ज़िद्द करी। पर राम को लगा कि वह वन की कठिनाइयाँ नहीं सहन कर पाएंगी इस्लिये उन्होनें सीता को मना कर दिया। पर सीता ने हार न मानी। उन्होंने राम को मानाने के लिए हर तरह के उदाहरण दिए, तरक़ीब लगाई। सीता का ये रूप देखकर राम ने क्या कहा? क्या वह सीता को अपने साथ वन लेजाने के लिए तैयार हो गए? जानिए रामायण आज के लिए के इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 25, 20227 min

S1 Ep 44वनवास जाने से पहले राम और सीता का संवाद

जब राम सीता से मिलने निकले तब वह अपनी भावनाओं को छुपा नहीं पाए। सीता भी कैकेई के मांगे हुए वचन से उतनी ही अनजान थीं जितनी माँ कौशल्या। राम का उतरा चेहरा देख, सीता ने कारण पुछा। जवाब में राम ने अपने पिता दशरथ और माँ कैकेई के बारे में क्या बताया? उन्होंने कैसे अपनी पत्नी सीता को सबका आदर करने की सलाह दी तथा भरत और शत्रुघ्न से प्रेम से बर्ताव करने का अनुरोध किया? यह सब सुनकर सीता ने कैसे, बिना कोई शिकायत, राम का साथ देने की बात करी? आइए जानतें हैं रामायण आज के लिए के इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 24, 20227 min

S1 Ep 43कौशल्या ने राम को किस प्रकार विदा किया?

इतना तो अब स्पष्ट था कि राम अपने पिता, दशरथ की बेबसी समझ सकते थे। और उनका वचन निभाने के लिए राम ने वनवास स्वीकारा। आखिर राम अपना धर्म नहीं निभाते तो उनके परिवार और कुल की क्या इज़्ज़त रहे जाती? जब कौशल्या को भी इस बात का अहसास हुआ तब उन्होंने राम को आशीर्वाद देकर विधि विधान के साथ कैसे विदा किया? और क्या हुआ जब राम अपनी माँ से मिलकर, सीता से मिलने गए? आइए सुनते हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 23, 20227 min

S1 Ep 42राम ने कौशल्या और लक्ष्मण को अपना धर्म निभाने के लिए कैसे मनाया?

पिछले episode में हमने सुना कि कैसे राम को वनवास मिले की ख़बर सुनकर कौशल्या अपना नियंत्रण खो बैठीं और लक्ष्मण अपना आपा। अपने स्वार्थ के लिए कौशल्या राम को जाने नहीं दे रहीं थीं और जब राम न मानें तो उन्होंने राम के साथ चलने की ज़िद्द की। वहीं दूसरी ओर लक्ष्मण आग-बबूला हो कर अपने पिता दशरथ को मारने की बात कर रहे थे। पर राम जानते थे कि बिना कौशल्या के दशरथ टूट जायेंगे और लक्ष्मण का गुस्सा परिस्थिति को बदतर बना देगा। फिर राम ने इन दोनों को अपना धर्म निभाने के लिए और अपने वनवास जाने के लिए कैसे मनाया? आइए सुनते हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 22, 20228 min

S1 Ep 41क्या हुआ जब राम ने अपने वनवास मिलने की ख़बर कौशल्या को दी?

जब राम और लक्ष्मण कौशल्या से मिलने उनके भवन गए तब वह राम को देख बहुत खुश हुई कि बस कुछ समय में उनका बीटा राम अयोध्या का राजा बनेगा। वह इस बात से अनजान थीं कि कैकेई की वजह से राम को वनवास मिला है। ताकि कौशल्या को कोई ठेस न पहुंचे, राम ने अपनी माँ को बड़े प्रेम से सारी कहानी बताई। बिना किसी द्वेष के उन्होंने बताया कि वह ऋषियों की तरह 14 साल वन में रहेंगे और भरत उनकी जगह राजा बनेगा। पर क्या कौशल्या और लक्ष्मण शांति से, संयम से इस बात तो स्वीकार कर पाए? आए पता लगतें है रामायण आज के लिए के इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 21, 20227 min

S1 Ep 40राम ने कैसे 14 साल वनवास जाने की बात स्वीकारी?

राम ने बिना हिचकिचाहट वन में 14 साल रहने की बात तो स्वीकारी पर साथ ही उन्होंने अपने पिता दशरथ से क्या प्रश्न पूछे? कैकई क्यों चाहती की राम जल्द ही वन को जाएँ? दशरथ ने कैसे इस बात पर अपनी नाराज़गी जताई? इसके बावजूद, राम भावुक हुए बिना, अपनी पत्नी सीता और माँ कौशल्या से कैसे अलविदा कहने गए? और इस घटना के आधार पर वाल्मीकि जी राम को एक योगी क्यों बुलाते थे? आइए सुनें रामायण आज के लिए के इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 18, 20227 min

S1 Ep 39राम को वनवास जाने की ख़बर कैसे मिली?

राम और लक्ष्मण, सुमंत्र के साथ दशरथ के महल पहुँचे। पर जब दशरथ ने राम को आशीर्वाद नहीं दिया तब वह सहम गए। राम को लगा की उनसे भूल हो गयी है, इसलिए उन्होंने अपने पिता से तरह-तरह के सवाल पूछे। पर दशरथ चुप रहे। उनकी चुप्पी देख, कैकई ने राम को अपनी इच्छा बताई कि भरत राजा बनेगा और उसके बदले राम को मिलेगा 14 वर्षों का वनवास। बहुत दुःख होता है, जब माता-पिता अपने बच्चों के प्रति कठोरता दिखते हैं। लेकिन ये बात दिल दहलानेवाली थी। कैसे? आइए जानतें हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 17, 20228 min

S1 Ep 38कैकई ने दशरथ को अपने वादे निभाने के लिए कैसे मनाया?

भरत राजा बने, ये दशरथ को मंज़ूर था। पर राम को वह किस बिनाह पर वनवास भेजें? इस बात से समझोता करना, उनके लिए एक पिता और नैतिकतावादी यानी moralist, दोनों नज़रियों से कठिन था। पर कैकई ने एक न सुनी। वह उन राजाओं के उदाहरण देतीं गयीं जिन्होंने हर क़ीमत पर अपने धर्म का पालन किया। कैकई और दशरथ की इस टकराव के बीच राम के राज्याभिषेक के तैयारियाँ लगभग पूरी हो गयी थी। आगे क्या हुआ, आइए सुनें रामायण आज के लिए के इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 16, 20229 min

S1 Ep 37कैकेई ने राम के लिए 14 वर्ष का वनवास माँगा

कैकई अब मंथरा के साथ बनाया जाल बिछाने जा रहीं थीं। अपने कोप भवन में वह बाल बिखेरे, फटे कपड़ों में, ज़मीन पर लेटे, दशरथ का इंतेज़ार कर रहीं थीं। दशरथ ने जब उन्हें इस हाल में पाया तो वह हक्का-बक्का रहे गए। इस बात का कैकई ने कैसे फ़ायदा उठाया? उन्होंने अपने पति से भरत के लिए राज्य और राम के लिए वनवास कैसे माँगा? इस बात का दशरथ और कैकई के रिश्ते पर क्या असर पढ़ा? और सिर्फ इसलिए कि राम वनवास के लिए नियत थे, क्या कैकई के माँगे वरदान उचित थे? आइए सुनतें हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 15, 202211 min

S1 Ep 36दशरथ ने कैकेई के कब और क्यों दिए 2 वरदान?

पिछले episode में हमने सुना कि कैसे मंथरा ने कैकेई के मन में राम के ख़िलाफ़ ज़हर घोला और भरत के लिए एक अतर्कसंगत डर यानी irrational fear उत्पन किया। पर दशरथ ने राम को राजा बनाने का फ़ैसला ले ही लिया था। कैकेई क्या कर सकतीं थीं? तब मंथरा ने उन्हें तिमिध्वज के खिलाफ लड़े युद्ध की याद दिलाई। कि कैसे युवा क्षत्राणी कैकेई ने दशरथ की जान बचाई जिसके बदले में राजा ने उन्हें दो वरदान दिए। यही नहीं, वह वरदान क्या होंगे और उन्हें कैसे माँगना है, दासी मंथरा ने इस बात की भी योजना बनाई। आइए जानतें हैं वह योजना क्या थी, रामायण आज के लिए के इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 14, 20229 min

S1 Ep 35मंथरा ने राम की क़िस्मत कैसे बदली?

कुंभजा यानी hunchbacked मंथरा (जैसे वह वलिमिक रामायण में जानी जातीं थीं) भागी-भागी कैकेई के पास पहुँची। उन्होंने कैकेई को बेरूखी से उठाया और राम के राज्याभिषेक के बारे में बताया। जो मंथरा अपने आप को कैकेई की शुभचिंतक मानती थी, उन्हीं ने धीरे-धीरे कैकई के मन में राम के प्रति विष भरदिया। पर इतनी बड़ी क्षत्राणी होने के बावजूद, कैकई, अनपे पुत्र-प्रेम में अंधी होकर, मंथरा की छोटी सोच से कैसे प्रभावित हुईं? आइए सुनतें हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 11, 20229 min

S1 Ep 34मंथरा कौन थीं?

राम और सीता ने राम के राजा बनने की तैयारी कैसे करी? उन्हें राज्याभिषेक वाले दिन कैसे उठाया गया? सारे ब्राह्मण अयोध्या में क्यों मौजूद थे? राज्य की सड़कों को कैसे सजाया गया? सारी प्रजा किस तरह से उत्तेजित थी? वह राम के राजा बनने की खुशी में क्या कह रही थी? और कैकई की दासी, मंथरा को इस बात का कैसे पता चला? आये इस जीवंत दृश्य का अनुभव करने के लिए सुनते हैं रामायण आज के लिए के इस episode को। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 10, 20227 min

S1 Ep 33राम के राज्याभिषेक की तैयारी

दशरथ ने जब राम को उनके राज्याभिषेक के बारे में बताया तब उन्होंने अपने बेटे के साथ ऐसी कौनसी राय बाँटीं, जिसे सुनकर आपको भी फ़ायदा हो सकता है? वह राम को भरत (जो अपने ननिहाल गए हुए थे) के आने से पहले राजा बनाने के लिए उतावले क्यों थे? दशरथ की घबराहट को शांत करने के लिए ऋषि वशिष्ठ, राम और सीता ने क्या कदम उठए? जब राम ने अपने भाई, लक्ष्मण और अपनी माँ, कौशल्या को अपने राज्याभिषेक के बारे में बताया तब उन दोनों ने क्या महसूस किया? और इन सबकी भावनाओं, उनके अनुभवों से हम क्या सीख सकतें हैं? आये जानतें हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 9, 202210 min

S1 Ep 32राम किस प्रकार के लीडर थे?

राम ने परशुराम से युद्ध करने की चुनौती स्वीकार ली। उन्होंने परशुराम के हाथ से विश्वकर्मा का बनाया विष्णु-धनुष छीना और उसपे प्रत्यंचा चढ़ादी। यह देखकर परशुराम को यक़ीन हो गया की राम वाक़ई में विष्णु के अवतार हैं और वह वहाँ से चले गए। फिर राजा दशरथ जब अपने बेटों और बहुओं के साथ अयोध्या पहुँचे तो बड़े वैभव से उनका स्वागत किया गया। एक वर्ष तक सभी राजकुमार अपनी राजकुमारियों के साथ अपने विवाहित जीवन में व्यस्त हो गए। साथ ही राम और लक्ष्मण राज्य की भागदौड़ को समझने और संभालने लगे। पर राम में ऐसे कौनसे गुण थे जो उन्हें एक अच्छा leader बनाते थे, अयोध्या का राजा बनने के योग्य बनाते थे? चलिए सुनते हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 8, 202211 min

S1 Ep 31राम और परशुराम का युद्ध क्यों हुआ?

दोनों कुलों के राजगुरुओं की देख-रेख में एक यज्ञ कुंडा बनाया गया, जहाँ चरों राजकुमारों यानी राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का चारों राजकुमारियों अर्थात सीता, उर्मिला, मांडवी और श्रुतकीर्ति से विवाह हुआ। पर शादी के बाद उन सभी ने अपने बड़ों की प्रदक्षिणा क्यों करी? विदाई के समय राजा दशरथ और उनके परिवार को किस प्रकार के अजीब संकेतों का अनुभव हुआ? परशुराम कौन थे और उन्होंने राम को युद्ध के लिए क्यों ललकारा? सुनें रामायण आज के लिए के इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 7, 20229 min

S1 Ep 30राम और सीता का विवाह।

राम ने जब शिव के धनुष पर प्रत्यंचा चढ़कर उसे तोड़ा, तब राजा जनक ने राजा दशरथ को राम और सीता का विवाह संम्पन्न करने के लिए मिथिला आने का न्योता दिया। कैसे दशरथ सारे बारातियों को लेकर धूम-धाम से मिथिला पहुँचे? कैसे उन्होंने जनक को, एक वधू के पिता होते हुए भी सम्मानित किया? कैसे इक्ष्वाकु कुल के राजगुरु, वशिष्ठ और वैदेही कुल के राजगुरु शतानन्द ने दोनों परिवारों की मिलनी करवाई? और कैसे विवाह का मुहूर्त निकालते-निकालते राम के बाकी भाइयों का भी विवाह तय हुआ? आए सुनते हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 4, 20228 min

S1 Ep 29क्या वाक़ई में सीता का स्वयंवर हुआ था?

पिछले episode में, राम और लक्ष्मा के साथ, मिथिला के राजगुरु शतानन्द, हमें ऋषि विश्वामित्र का जीवन परिचय दे रहे थे। वह आगे बताते हैं कि कैसे विश्वामित्र ने राजा त्रिशंकु की स्वर्ग जाने में मद्दत करी? कि कैसे उन्होंने ऋषि सुनःशेप को मानव बलिदान यानी human sacrifice करने से बचाया? और वह अप्सरा मेनका की वजह से अपनी साधना से कैसे विचलित होने के बाद भी अपनी तपस्या के कारण ब्रह्मर्षि बने? यह सब सुनकर राजा जनक, ऋषि विश्वामित्र, राम और लक्ष्मण को अपनी बेटी सीता का परिचय देतें हैं और राम को शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करतें है। बदले में राम क्या करते हैं? क्या वाक़ई में सीता का स्वयंवर हुआ था? आए सुनते हैं रामायण आज के लिए के इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 3, 202211 min

S1 Ep 28विश्वामित्र राजा से ऋषि कैसे बने?

जब राजा विश्वामित्र ने ऋषि वशिष्ठ से उनकी इच्छा-पूर्ती गाय, सबला की मांग की तब ऋषि वशिष्ठ ने उन्हें इंकार कर दिया। इस नामंजूरी के चलते विश्वामित्र ने सबला को ज़बरदस्ती अपने साथ ले जाने की कोशिश की। सबला ने अपना बचाव कैसे किया? दो व्यक्तियों के बीच की अनबन युद्ध में कैसे परिवर्तित हुई? इस युद्ध में विश्वामित्र का कुल कैसे नष्ट हुआ? ये सब देख कर विश्वामित्र महादेव की तपस्या करने हिमालय क्यों गए? साथ ही इक्ष्वाकु कुल के राजा त्रिशंकु को ऋषि वषिष्ठ ने क्यों शाप दिया? और इन दोनों कहानियों को सुनकर हमें सद्बुद्धि की आशा क्यों रखनी चाहिए? आए जानते हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 2, 202210 min

S1 Ep 27विश्वामित्र और विशिष्ट की कहानी

विश्वामित्र पहले एक राजा हुआ करते थे। जब वह ऋषि वशिष्ठ के आश्रम पहुँचे तब ऋषि वशिष्ठ ने उनके और उनकी पूरी अक्षौहिणी यानी battalion के लिए एक भोजन आयोजित करने की इच्छा जताई। पर साधारण परिस्थितयों में रहने वाले ऋषि 21870 हाथी तथा सारथी, 65610 घोड़े तथा घुड़सवार और 109350 पैदल सिपाहियों के भोजन की व्यवस्था कैसे कर सकते थे? यही नहीं, उन्होंने आयुर्वेद अनुसार 6 प्रकार के पकवान - जो मीठा, नमकीन, खट्टा, कड़वा और क्षारविशिष्ट यानी alkaline स्वाद उत्पन्न कर सकते थे - कैसे प्रस्तुत किया? और इस प्रकार की प्रस्तुति देख कर राजा विश्वामित्र ने ऋषि वशिष्ठ से क्या माँगा? यह जानने के लिए सुने इस episode को। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Nov 1, 20227 min

S1 Ep 26क्या हुआ, जब राम, लक्ष्मण और विश्वामित्र, मिथिला पहुँचे?

जिस समय राम, लक्ष्मण और ऋषि विश्वामित्र मिथिला पहुँचे, तब राजा जनक ने एक बहुत बड़ा आयोजन यानी celebration रखा हुआ था जिसमें दूर-दूर से ब्राह्मण, scholars आए हुए थे। जब राजा जनक को विश्वामित्र के आने की ख़बर मिली तब उनका स्वागत करने के लिए वह खुद, अपने राज गुरु शतानन्द के साथ गए। ऋषि विश्वामित्र का सम्मान करने के बाद उन्होंने राम और लक्ष्मण के बारे में पुछा। जवाब में विश्वामित्र ने राम और लक्ष्मण का परिचय कैसे किया? अहल्या के शाप-मुक्त होने की ख़बर सुनकर शतानन्द क्यों खुश हुए और उन्होंने राम-लक्ष्मण को उनके गुरु विश्वामित्र के बारे में क्या बताया, सुनें इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Oct 31, 20228 min

S1 Ep 25कौन थीं अहल्या, और राम के हाथों कैसे हुआ उनका उद्धार?

धीरे-धीरे राम, लक्ष्मण और ऋषि विश्वामित्र मिथिला की ओर बढ़ रहे थे कि अपनी राह पर उन्हें ऋषि गौतम और उनकी पत्नी अहल्या का आश्रम मिला। तब विश्वामित्र ने उन्हें अहल्या की कहानी सुनाई कि क्यूँ और कैसे ऋषि गौतम की तपस्या को भंग करने के लिए देवों के देव, इंद्र ने चाल चली? उन्होंने बताया कि कैसे अहल्या इस चाल का हिस्सा बानी और जब ऋषि गौतम को इस बात की भनक पढ़ी तो कैसे उन्होंने इंद्र और अहल्या को श्राप दिया? अब राम ने उन दोनों को अपने श्राप से कैसे मुक्त किया, यह जानने के लिए सुने रामायण आज के लिए के इस episode को। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Oct 28, 20227 min

S1 Ep 24देव-दानव के बीच हुए समुद्र मंथन में क्या-क्या निकला?

अदिति के पुत्र देव और दिति के पुत्र दानव अमर होना चाहते थे, इसलिए उन्होंने अमृत प्राप्ति के लिए समुद्र मंथन किया। मेरु पर्वत बने मथनी और रस्सी बने साँपों के देवता, वासुकि। पर क्षीरसागर का मंथन करते करते जब मेरु फिसलने लगे तब भगवन विष्णु ने कुर्म अवतार लेकर मेरु पर्वत को नीचे से सहारा दिया। तब शुरू हुआ समुद्र मंथन। कई साल बीते और बहुत सारी अद्भुत चीज़ें निकली। वह चीज़ें क्या थी? उन्हें कैसे अपनाया गया? दानवों को असुर क्यों बुलाया जाता है? और दिति देवों के राजा यानी इंद्रा से क्यों बदला लेना चाहती थीं? सुनिए रामायण आज के लिए के इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Oct 27, 20226 min

S1 Ep 23अब शुरू हुई दिति और अदिति की कहानी।

भगीरथ की मेहनत से गंगा धरती पर आई और सगर के 60,000 पुत्रों को मुक्ति मिली। यह कहनी का अंत आते-आते, राम, लक्ष्मण और विश्वामित्र गंगा नदी के एक और तट पर पहुंचे, जहाँ विशाला का शहर बसा था। यहाँ ऋषि विश्वामित्र, जो ज्ञान का भंडार थे और नैतिक शिक्षा ज़्यादातर कथन के द्वारा प्रदान करते थे, उन्होंने अब एक और कहानी बतानी शुरू करी। सतयुग में ऋषि कश्यप - जिन्हें सप्त ऋषि यानी Ursa Major भी कहा जाता है - उनकी दो बेटियाँ थी, दिति और अदिति। ये प्रजापति दक्ष की पत्नियाँ थीं। इन दोनों के बेटों के बीच हुआ समुद्र मंथन। पर कैसे, आये जानतें हैं इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Oct 26, 20227 min

S1 Ep 22गंगा धरती पर कैसे आई?

पिछले episode में हमने सुना कि भगीरथ ने ब्रम्हदेव को प्रसन्न किया और गंगा को धरती पर लाने की तैयारियाँ शुरू हुई। लेकिन केवल बड़ा लक्ष्य हासिल करना ही काफ़ी नहीं। उसके प्रभाव को बनाए रखना ही सफलता का प्रतीक होता है। तो फिर सवाल ये उठता है कि जो गंगा अंतरिक्ष में आकाशगंगा अर्थात milky way बन कर बह रही थी, जिसके भयंकर प्रवाह से पूरी धरती डूब सकती थी, उसे पृथ्वी पर कैसे उतरा जाये? तब ब्रह्मदेव ने भगीरथ से कहा की इस काम में सिर्फ़ भोलेनाथ ही तुम्हारी मदत कर सकतें हैं। पर कैसे? आये जानतें हैं रामायण आज के लिए के इस episode में। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

Oct 25, 20228 min