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Ve Isi Prithvi Par Hain | Bhagwat Rawat
Episode 210

Ve Isi Prithvi Par Hain | Bhagwat Rawat

Pratidin Ek Kavita

October 28, 20232m 25s

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Show Notes

वे इसी पृथ्वी पर हैं | भगवत रावत | कार्तिकेय खेतरपाल


इस पृथ्वी पर कहीं न कहीं कुछ न कुछ लोग हैं ज़रूर

जो इस पृथ्वी को अपनी पीठ पर

कच्छपों की तरह धारण किए हुए हैं

बचाए हुए हैं उसे

अपने ही नरक में डूबने से

वे लोग हैं और बेहद नामालूम घरों में रहते हैं

इतने नामालूम कि कोई उनका पता

ठीक-ठीक बता नहीं सकता

उनके अपने नाम हैं लेकिन वे

इतने साधारण और इतने आमफहम हैं

कि किसी को उनके नाम

सही-सही याद नहीं रहते

उनके अपने चेहरे हैं लेकिन वे

एक दूसरे में इतने घुले-मिले रहते हैं

कि कोई उन्हें देखते ही पहचान नहीं पाता

वे हैं, और इसी पृथ्वी पर हैं

और यह पृथ्वी उन्हीं की पीठ पर टिकी हुई है

और सबसे मजेदार बात तो यह है कि उन्हें

रत्ती भर यह अंदेशा नहीं

कि उन्हीं की पीठ पर

टिकी हुई यह पृथ्वी।

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