PLAY PODCASTS
Sau Baaton Ki Ek Baat | Ramanath Awasthi
Episode 784

Sau Baaton Ki Ek Baat | Ramanath Awasthi

Pratidin Ek Kavita

May 24, 20251m 59s

Audio is streamed directly from the publisher (media.transistor.fm) as published in their RSS feed. Play Podcasts does not host this file. Rights-holders can request removal through the copyright & takedown page.

Show Notes

सौ बातों की एक बात - रमानाथ अवस्थी 


सौ बातों की एक बात है.


रोज़ सवेरे रवि आता है

दुनिया को दिन दे जाता है

लेकिन जब तम इसे निगलता

होती जग में किसे विकलता

सुख के साथी तो अनगिन हैं

लेकिन दुःख के बहुत कठिन हैं


सौ बातो की एक बात है.


अनगिन फूल नित्य खिलते हैं

हम इनसे हँस-हँस मिलते हैं

लेकिन जब ये मुरझाते हैं

तब हम इन तक कब जाते हैं

जब तक हममे साँस रहेगी

तब तक दुनिया पास रहेगी


सौ बातों की एक बात है.


सुन्दरता पर सब मरते हैं

किन्तु असुंदर से डरते हैं

जग इन दोनों का उत्तर है

जीवन इस सबके ऊपर है

सबके जीवन में क्रंदन है

लेकिन अपना-अपना मन है


सौ बातो की एक बात है.

Topics

Hindi literaturepoetrydaily inspirationHindi poetssocietypeopleenvironment