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Samay Nahin Lagta Hain | Ajay Jugran
Episode 547

Samay Nahin Lagta Hain | Ajay Jugran

Pratidin Ek Kavita

September 29, 20242m 2s

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Show Notes

समय नहीं लगता है | अजेय जुगरान


आज के कल हो जाने में

कल के कभी नहीं होने में

समय नहीं लगता है।


अक्सर इस छोटे से जीवन में

अवसर को पाकर खोने में

समय नहीं लगता है।


अनुकूल की प्रतीक्षा में

प्रतिकूल के आ जाने में

समय नहीं लगता है।


शुभ मुहूर्त का मंतव्य बनाते

दृश्य गंतव्य अमूर्त होने में

समय नहीं लगता है।


इस पल में ही सब बीज हैं

इस पल में ही सब हल हैं

आज में ही सब तीज हैं

शुभमय यही समय है

सोकर इसे गवाँ देने में

समय नहीं लगता है।


किंकर्तव्यमूढ़ से मूढ़ हो जाने में

मुखर के गौण हो जाने में

अगूढ़ के मौन हो जाने में

प्रतिक्षित पल से छले जाने में

समय के असमय हो जाने में

आज के कल हो जाने में

कल के कभी नहीं होने में

समय नहीं लगता है।


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