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Ityaadi | Rajesh Joshi
Episode 979

Ityaadi | Rajesh Joshi

Pratidin Ek Kavita

December 5, 20252m 55s

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Show Notes

इत्यादि - राजेश जोशी


कुछ लोगों के नामो का उल्लेख किया गया था जिनके ओहदे थे

बाकी सब इत्यादि थे

इत्यादि तादात में हमेशा ही ज़्यादा होते थे

इत्यादि भाव ताव कर के सब्जी खरीदते थे और खाना वाना खा कर

ख़ास लोगों के भाषण सुनने जाते थे

इत्यादि हर गोष्ठी में उपस्थिति बढ़ाते थे

इत्यादि जुलूस में जाते थे तख्तियां उठाते थे नारे लगाते थे

इत्यादि लम्बी लाइनों में लग कर मतदान करते थे

उन्हें लगातार ऐसा भ्रम दिया गया था कि वो ही

इस लोकतंत्र में सरकार बनाते थे

इत्यादि हमेशा ही आन्दोलनों में शामिल होते थे

इसलिए कभी कभी पुलिस की गोली से मार दिए जाते थे।

जब वे पुलिस की गोली से मार दिए जाते थे

तब उनके वो नाम भी हमें बतलाये जाते थे

जो स्कूल में भरती करवाते समय रखे गए थे

या जिससे उनमे से कुछ पगार पाते थे

कुछ तो ऐसी दुर्घटना में भी इत्यादि रह जाते थे।

इत्यादि यूँ तो हर जोखिम से डरते थे

लेकिन कभी - कभी जब वो डरना छोड़ देते थे

तो बाकी सब उनसे डरने लगते थे।

इत्यादि ही करने को वो सारे काम करते थे

जिनसे देश और दुनिया चलती थी

हालाँकि उन्हें ऐसा लगता था कि वो ये सारे काम

सिर्फ़ अपना परिवार चलाने को करते हैं

इत्यादि हर जगह शामिल थे पर उनके नाम कहीं भी

शामिल नहीं हो पाते थे।

इत्यादि बस कुछ सिरफिरे कवियों की कविता में

अक्सर दिख जाते थे।


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