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Happily Ever After | Satyam Tiwari
Episode 1010

Happily Ever After | Satyam Tiwari

Pratidin Ek Kavita

January 5, 20262m 41s

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Show Notes

हैप्पिली एवर आफ्टर । सत्यम तिवारी


हम चाहते थे अंत में नायक ही विजयी हो

लेकिन जो विजयी हुआ


उन्होंने उसे ही नायक घोषित कर दिया

अबकी बार भी सिनेमा में


समय से अधिक, पैसों की बर्बादी खली

वही हुआ फिर उन्होंने अपना नायक


पहले से चुन रखा था

कहानी जो चाहे रुख़ ले


ऊँट किसी भी करवट बैठे

राजगद्दी पर उनका ही नायक बैठेगा


नायिका भी उसी के हिस्से आएगी

दिलों में प्यार उमड़ेगा बस उसके ही लिए


और हमारा हीरो, ठीक हमारी तरह

सिनेमा में नंगा, एक नंबर का लफ़ंगा


मरकर अमर होने का उसका सपना

बेहतर चरित्र निर्माण की तरह


इस बार भी अधूरा रह गया

अव्वल तो उसे अपना हाथ


अपनी जेब में रखना था

और एक सुस्त, उबाऊ संगीत के मद्देनज़र


सड़कों पर, ख़ासकर मद्धिम रौशनी में

एक तयशुदा चाल, धीमे-धीमे चलनी थी


आख़िर वह हमारा हीरो था

कोई गली का लफ़ंगा नहीं


अगर होता जो

तेज़-तेज़ क़दमों से चलता


फ़िल्म से कब का बाहर निकल जाता

लेकिन वह जानता है


लाख इंटरवल बदलकर भी

वह फ़िल्म का क्लाइमेक्स नहीं बदल सकता


बेहतर तो यही होता

दर्शक ऐसा कोई भी अंत


मानने से इनकार कर देते

जो उनकी असल ज़िंदगी के


विरोधाभास में है।


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