Show overview
BBC Hindi has been publishing since 2015, and across the 5 years since has built a catalogue of 500 episodes. That works out to roughly 75 hours of audio in total. Releases follow a several-times-a-week cadence.
Episodes typically run under ten minutes — most land between 34s and 14 min — with run-times ranging widely across the catalogue. None of the episodes are flagged explicit by the publisher. It is catalogued as a EN-language News show.
The catalogue appears to be on hiatus or wound down — the most recent episode landed 6.2 years ago, with no new episodes in over a year. The busiest year was 2016, with 259 episodes published. Published by Audioboom.
From the publisher
BBC Hindi is part of BBC World Service, best known independent international broadcaster, which reaches to more than 20 million people via Digital, TV, Radio and Social Media. It provides multimedia news content to its audience. Website: www.bbchindi.com Facebook: BBC Hindi Twitter: @BBCHindi
Latest Episodes
View all 500 episodes
शेख़ मुजीबुर रहमान – एक क्राँतिकारी से राष्ट्र पिता तक
1971 में बाँगलादेश के स्वाधीन होने में शेख़ मुजीबुर रहमान के नेतृत्व ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी. लेकिन सत्ता में आने के तीन वर्षों के भीतर ही कुछ सैनिक अधिकारियों ने उनके परिवार सहित उनकी हत्या कर दी थी. शेख़ मुजीब की जन्म शताब्दि पर उन्हें याद कर रहे हैं रेहान फ़ज़ल विवेचना में

हिंदुत्व राजनीति के पहले सिरमौर थे बलराज मधोक
एक ज़माने में बलराज मधोक की गिनती भारत के शीर्ष दक्षिणपंथी नेताओं में होती थी. 1966 -67 में वो भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष बने लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी के पार्टी में आगे आने की वजह से वो धीरे-धीरे पार्टी में नेपथ्य में चले गए. बलराज मधोक की जन्म शताब्दी पर उनके जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों को याद कर रहे हैं बीबीसी संवाददाता रेहान फ़ज़ल विवेचना में.

जनरल सगत सिंह जो चीन के साथ पाकिस्तानी सेना पर भी भारी पड़े
पिछले दिनों 1971 के बाँगलादेश युद्ध की 48 वीं वर्षगाँठ मनाई गई. इस लड़ाई की जब बात होती है तो अक्सर फ़ील्ड मार्शल सैम मानेक शॉ और जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा का नाम लिया जाता है. इस बात की बहुत कम चर्चा होती है कि इस लड़ाई में जनरल सगत सिंह ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. ये उनके नेतृत्व का ही परिणाम था कि भारतीय सेना 13 दिनों के भीतर ढ़ाका पहुंच गई थी. विवेचना में रेहान फ़ज़ल याद कर रहे हैं जनरल सगत सिंह के सैनिक जीवन को

गुस्सैल और आशिकमिजाज़ नेहरू
एक राजनेता और प्रधानमंत्री के तौर पर जवाहरलाल नेहरू की उपलब्धियों और असफलताओं पर बहस हो सकती है लेकिन ये भी सच है कि उनके मानवीय पक्ष को किसी तरह नकारा नहीं जा सकता है. जवाहरलाल नेहरू की 130वी वर्षगाँठ पर उनके जीवन के कुछ दिलचस्प पहलुओं पर नज़र डाल रहे हैं रेहान फ़ज़ल आज की विवेचना में.

क्यों है अमिताभ का जलवा अभी भी बरकरार ?
अपनी दमदार आवाज़ और अभिनय के दम पर दर्शकों को दीवाना बनाने वाले अमिताभ बच्चन ने अभिनय की दुनिया के हर उस शिखर को छुआ है जिसकी वजह से उन्हें सदी का महानायक और बॉलीवुड का शहंशाह कहा जाता है. पिछले दिनों उन्हें इस साल के दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया. अमिताभ बच्चन की 77 वीं सालगिरह पर उनके जीवन के रोचक प्रसंगों पर रोशनी डाल रहे हैं रेहान फ़ज़ल विवेचना मेंAttachments area

दिन भर, आज है 26 अगस्त, दिन सोमवार, मैं हूं दिव्या आर्य
कश्मीर है भारत-पाक के बीच द्विपक्षीय मुद्दाअमरीकी राष्ट्रपति ने मानी प्रधानमंत्री मोदी की बातवहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बोले वो बनेंगे कश्मीर के असली दूत

25 अगस्त का दिनभर सुनिए संदीप सोनी के साथ
बारिश और नम आंखों के बीच अरुण जेटली को अंतिम विदाई.पीवी सिंधु बैडमिंटन की वर्ल्ड चैंपियन बनीं.सुनिए भारत प्रशासित कश्मीर के क्या हैं ताज़ा हालात.क्या अनुच्छेद 370 ख़त्म करने से कश्मीर समस्या ख़त्म हो गई है?
दिन भर, आज है 23 अगस्त, दिन शुक्रवार, मैं हूं दिव्या आर्य
कश्मीर घाटी के सौरा में जुम्मे की नमाज़ के बाद हिंसक झड़पश्रीनगर की बड़ी मस्जिदें और लाउडस्पीकर्स बंदनिर्मला सीतारमन ने दिया आश्वास्न कहा अर्थव्यवस्था में तेज़ी आएगीगाज़ियाबाद में गटर साफ़ करते व़क्त क्यों हो गई पांच कर्मचारियों की मौतऔर जानेंगे इंदिरा गांधी को अपनी बहन क्यों मानते थे यासेर अराफ़ातहोंगी अंतर्राष्ट्रीय ख़बरें भीपहले बीबीसी समाचार

इंदिरा गांधी को अपनी बहन मानते थे यासेर अराफ़ात
जब भी कभी फलस्तीन के संघर्ष की बात होती है, तो वहां के नेता के तौर पर आज भी एक ही व्यक्ति की छवि सामने उभरती है, वो हैं यासेर अराफात. शुरू में वो इजरायल के अस्तित्व के सख्त खिलाफ थे, लेकिन बाद में उन्होंने इसराइल के साथ ओसलो समझौता किया जिसके लिए उन्हें शांति के नोबेल पुरस्कार से भी नवाजा गया. यासेर अराफ़ात की 90 वीं जयंती पर उन्हें याद कर रहे हैं रेहान फ़ज़ल आज की विवेचना में

जब एक कुमांयु की महिला बनीं पाकिस्तान की ‘फ़र्स्ट लेडी’
जब एक कुमांयु की महिला बनीं पाकिस्तान की ‘फ़र्स्ट लेडी’हाल ही में दीपा अग्रवाल और तहमीना अजीज़ अय्यूब की एक किताब प्रकाशित हुई है, ‘द बेगम’ जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाक़त अली की पत्नी राना लियाक़त अली के जीवन की कहानी को बहुत रोचक अंदाज़ में बयान किया है. राना लियाक़त अली का जन्म अल्मोड़ा के कुमायुं ब्राह्मण परिवार में हुआ था जिन्होंने बाद में ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया था. बाद में उन्होंने लियाक़त अली से विवाह किया था. राना लियाक़त अली की कहानी बयान कर रहे हैं रेहान फ़ज़ल आज की विवेचना में

कारगिल – जब भारत ने पलटी हारी हुई बाज़ी
20 वर्ष पहले कारगिल की पहाडियों पर भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई हुई थी. इस लड़ाई की शुरुआत तब हुई थी जब पाकिस्तानी सैनिकों ने कारगिल की ऊँची पहाड़ियों पर घुसपैठ करके अपने ठिकाने बना लिए थे. इस लड़ाई में भारत के 527 जवान मारे गए थे. कारगिल युद्ध की बीसवीं बर्सी पर हम एक विशेष श्रंखला शुरू कर रहे हैं. पहली कड़ी में रेहान फ़ज़ल नज़र डाल रहे हैं कारगिल युद्ध के पूरे घटनाक्रम पर इस श्रंखला की दूसरी कड़ी आप सुनेंगे अगले शुक्रवार को

संघ परिवार के वैचारिक गुरु – गुरु गोलवलकर
गुरु गोलवलकर हाँलाकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक नहीं थे, लेकिन उन्होंने संग के संगठन और विचारधारा को विस्तार देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था. हाल ही में ज्योतिर्मय शर्मा की एक किताब प्रकाथित हुई है ‘एम एस गोलवलकर, द आरएसएस एंड इंडिया’ जिसमें उनके जीवन और विचारों पर आलोचनात्मक नज़र डाली गई है. विवेचना में रेहान फ़ज़ल नज़र दौड़ा रहे हैं सबसे अधिक समय तक आरएसएस के सरसंघचालक रहे गुरू गोलवलकर के जीवन पर

रस्गोत्रा जिन्होंने काम किया नेहरू, इंदिरा और राजीव के साथ
94 वर्षीय महाराज कृष्ण रस्गोत्रा भारतीय विदेश सेवा के उन अधिकारियों में शामिल हैं जिन्हें जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गाँधी और राजीव गाँधी जैसे दिग्गजों के साथ काम करने का मौका मिला था. रस्गोत्रा मोरक्को, ट्यूनीशिया, फ़्राँस और हॉलैंड में भारत के राजदूत रहे और 1985 में भारत के विदेश सचिव के पद से रिटायर हुए. विवेचना में रेहान फ़ज़ल नज़र दौड़ा रहे हैं एम के रस्गोत्रा के दिलचस्प और घटनापूर्ण जीवन पर

7 जून का दिनभर मानसी दाश के साथ
मोदी के मॉलदीव्स दौरे की कैसी है तैयारीइथियोपियाई पीएम कर रहे हैं सूडान में जारी राजनीतिक संकट सुलझाने की कोशिश विवेचना ने आज बीत लीबिया के शासक मुआमार गद्दाफी कीखेल की ख़बरें

शुक्रवार 7 जून का नमस्कार भारत कार्यक्रम सुनिए मोहन लाल शर्मा से
दर्जनों प्रदर्शनकारियों के मारे जाने के आरोपों के बाद अफ्रीकी संघ ने सूडान को निलंबित किया. तेलंगाना में कांग्रेस के 18 में 12 विधायकों ने पार्टी छोड़ी, टीआरएस में शामिल. राजस्थान में पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की मांग.

6 जून का दिनभर मानसी दाश के साथ
प्रधानमंत्री की आठ कैबिनेट कमिटियों में से दो में नहीं है राजनाथ सिंह का नाम, क्या मोदी सरकार में घटा उनका कद दूसरी बार पीएम बनने के बाद मोद का पहला दौरा मालदीव और श्रीलंका, क्या हो सकता है एजेंडा आरबीआई ने तीसरी बार घटाया रेपो रेट पंजाब में कांग्रेस के दो बड़े नेताओं के बीच बढ़ती दूरियां बीजेपी सांसद मिलने पहुंचे रेप अभियुक्त बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर से साथ ही होंगी आपकी चिट्ठियां विश्वकप क्रिकेट के आज कैसा रहा ऑस्ट्रेलिया या वेस्टइंडीज़ का मैच

5 जून का दिनभर सुनिए संदीप सोनी के साथ
विश्वकप में भारत और दक्षिण अफ्रीका आमने सामने, दक्षिण अफ्रीका ने भारत को दी 228 रनों की चुनौती.आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की फौज़ ने अपने ख़र्चों में कटौती की घोषणा की.दुनिया जहान में चर्चा इसराइल की जहां प्रधानमंत्री नेतन्याहू का गठबंधन नई सरकार बनाने में नाकाम रहा.

4 जून का दिन भर सुनिए रेहान फ़ज़ल से
मायावती ने उत्तर प्रदेश गठबंधन से हटने का किया औपचारिक ऐलान. कहा अकेले चुनाव लड़ेगींचेन्नई में अभूतपूर्व जल संकट. मेट्रो के एसी बंद किए गएज़िक्र होगा राजस्थान, केरल, मध्य प्रदेश और विश्व कप क्रिकेट का भी

नरगिस थी भारतीय फ़िल्मों की फ़र्स्ट लेडी
मदर इंडिया जैसी फ़िल्म में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुकीं नरगिस दत्त को भारतीय सिनेमा की ‘फ़र्स्ट लेडी’ कहा जाता है. वो न सिर्फ़ पद्मश्री पाने वाली पहली महिला अभिनेत्री बनीं बल्कि वो राज्यसभा में मनोनीत होने वाली भी पहली महिला अभिनेत्री रहीं. नरगिस दत्त की 90 वी जयंती पर रेहान फ़ज़ल याद कर रहे हैं उनके जीवन से जुड़े कुछ प्रसंगों को विवेचना में

जब भारत ने असंभव को संभव कर दिखाया !
30 मई से इंग्लैंड में 12 वीं विश्व कप क्रिकेट प्रतियोगिता शुरू हो रही है जहाँ भारत ख़िताब का प्रबल दावेदार है. भारत ने पहली बार 1983 में विश्व कप जीता था जब उन्होंने फ़ाइनल में उस समय की विश्व की नंबर 1 टीम वेस्ट इंडीज़ को 43 रनों से हरा कर दुनिया को चकित कर दिया था. उस मैच के रोमाँचक क्षणों का सिलसिलेवार ब्योरा दे रहे हैं रेहान फ़ज़ल विवेचना में
