
10 श्रीमद् भगवद्गीता - सहज कर्म द्वारा जीवन में सफलता
Gita For Life · Kamlesh Chandra
Show Notes
ध्यान कोई एक 10 मिनट या 20 मिनट की प्रक्रिया नहीं है प्रभु गीता में कहते हैं कि जब हमारा हर कर्म ध्यान हो जाए, तो हमारे जीवन आनंद से भर जाता है | जीवन की सच्ची सफलता, हमारी कर्म करने की कला में छुपी है |
हम किसी भी कर्म को कैसे करते हैं इस पर निर्भर करता है कि हमारा जीवन कैसे निर्मित होगा, किस दिशा में और किस दशा में होगा | हमें कर्मों को कैसे करना चाहिए ताकि वह बंधन ना बने, ताकि वह रुकावट है ना बने | हमारी आदतें हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और हमारी आदतें ही हमारी सबसे बड़ी बाधा भी है |
आज के सत्र में हमने चर्चा की गीता के 18 अध्याय के 48वें श्लोक के बारे में, जहां भगवान श्री कृष्ण कहते हैं सहज कर्म के द्वारा हम जीवन में सफल हो सकते हैं | यह सहज कर्म क्या है? और उसे कैसे करते हैं ? इसी पर आज का सत्र आधारित है |
Meditation is not something which you do for 10 to 5 minutes. It is the way of living life. Being mindful is being one with life. Everything you do in your life creates who you are and what you can. How to act & how to live with existence so that we can experience THAT.
All by the grace of Guru ji,
Brahmleen Sant Samvit Somgiri Ji Maharaj.